हे जीवन संगिनी - कविता
हे जीवन संगिनी
हे जीवन संगिनी , हे प्रिया
वसुंधरा सा आँचल तेरा
हे अर्धांगिनी , हे सुंदरी
पूर्ण ज्योत्स्ना बरसातीं तुम
के कामिनी , हे वधु तुम
सरिता सी पावन तुम
हे कलत्र , हे वामा तुम
देवी सा है रूप तुम्हारा
हे वामांगी , हे प्रिये तुम
मंदाकिनी सा स्पर्श तुम्हारा
हे गृहणी , हे प्रिये तुम
सौन्दर्य तेरा , है मुझको भाता
हे प्रिय , मेरी जीवनसाथी
पावन , निर्मल संग तुम्हारा
हे जीवन संगिनी , हे प्रिया
वसुंधरा सा , आँचल तेरा |
अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम "
Mohammed urooj khan
17-Apr-2024 11:47 AM
👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
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अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
17-Apr-2024 11:25 AM
शुक्रिया जी
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